राहगीर ने पत्थर मारा आम के वृक्ष से कई आम गिरे राहगीर ने उठाए खाता हुआ वहां से चल दिया यह दृश्य देख रहे आसमान में पूछा का  वृक्ष मनुष्य प्रतिदिन आते हैं तुम्हें पत्थर मारते हैं फिर भी तुम उन्हें फल क्यों देते हो वृक्ष हंसा और बोला भाई मनुष्य यदि आपने  लक्ष्य से भ्रष्ट हो जाए तो क्या हमें भी वैसा ही पागलपन करना चाहिए