Coronavirus in the Air, हवा के रास्ते आसानी से फैलता है कोरोना

Coronavirus in the Air, हवा के रास्ते आसानी से फैलता है कोरोना

Coronavirus in the Air

छपी एक स्टडी में इस बात का दावा कर दिया गया है कि ज्यादातर ट्रांसमिशन हवा के रास्ते (aerosol) से हो रहा है। इस दावे को साबित करने के लिए स्टडी में 10 कारण दिए गए हैं।

कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से दुनिया का कोई कोना शायद ही अनछुआ रह गया हो। समय के साथ यह बीमारी अपना रूप बदलती जा रही है और भारत समेत कई देशों में इस वक्त पहले से भी ज्यादा विकराल हो चुकी है। इससे बचने के लिए कई वैक्सीनें तक आ गई हैं लेकिन अभी भी कुछ बुनियादी सवाल ऐसे हैं जिनके पुख्ता जवाब नहीं मिले हैं। ऐसा ही एक सवाल है कि आखिर वायरस फैलता कैसे है?

तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए मन में यह सवाल भी आता है कि क्या यह हवा में घुल चुका है?

  • स्टडी में बताया गया है कि वायरस के सुपरस्प्रेडर इवेंट महामारी को तेजी से आगे ले जाते हैं। इसमें कहा गया है कि ऐसे ट्रांसमिशन का हवा (aerosol) के जरिए होना ज्यादा आसान है बजाय बूंदों के। ऐसे इवेंट्स की ज्यादा संख्या के आधार पर इस ट्रांसमिशन को अहम माना जाता सकता है।
  • क्वारंटीन होटलों में एक-दूसरे से सटे कमरों में रह रहे लोगों के बीच ट्रांसमिशन देखा गया, बिना एक-दूसरे के कमरे में गए।
  • बिना लक्षण या लक्षण से पहले ऐसे लोगों से ट्रांसमिशन जिन्हें खांसी या छींक ना आ रही हो, उनसे ट्रांसमिशन के कम से कम एक तिहाई मामले हैं और दुनियाभर में वायरस फैलने का यह एक बड़ा जरिया है। इससे हवा के रास्ते वायरस फैलने की बात को बल मिलता है। स्टडी में यह भी कहा गया है कि बोलते वक्त हजारों पार्टिकल पैदा होते हैं और कई बड़ी बूंदें जिससे हवा के जरिए वायरस फैलने का रास्ता खुलता है।
  • इमारतों के अंदर ट्रांसमिशन बाहर के मुकाबले ज्यादा है और वेंटिलेशन होने से यह कम हो जाता है।

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