अपने साथ सुई धागा भी नहीं ले जा सकते

बगदाद के शासक ने जितना कर सकता था संपत्ति जमा की उसके लिए वह प्रजा पर तरह-तरह के अन्याय और अत्याचार भी करता था इससे प्रजा बड़ी दुखी थी एक दिन गुरु नानक घूमते हुए बगदाद जा पहुंचे शाही महल के सामने कंकड़ का एक छोटा सा ढेर जमा करके उसके Continue Reading

उसका कोई हमदर्द नहीं होता

एक चींटी कहीं से गुड का ढेला पा गई उसे उसने अपनी कोठरी में बंद कर लिया प्रतिदिन चुपचाप थोड़ा सा गुड खा लेती दुर्ग में और भी जो कर्मचारी थे उनमें से एक को भी रत्ती भर टुकड़ा नहीं देती रानी चींटी को एक दिन पता चल गया उसने Continue Reading

क्या हमें भी वैसा ही पागलपन करना चाहिए

राहगीर ने पत्थर मारा आम के वृक्ष से कई आम गिरे राहगीर ने उठाए खाता हुआ वहां से चल दिया यह दृश्य देख रहे आसमान में पूछा का  वृक्ष मनुष्य प्रतिदिन आते हैं तुम्हें पत्थर मारते हैं फिर भी तुम उन्हें फल क्यों देते हो वृक्ष हंसा और बोला भाई Continue Reading

ज्ञान और धन

ज्ञान और धन दोनों में एक दिन अपनी श्रेष्ठता के प्रतिपादन पर झगड़ा उठ खड़ा हुआ दोनों अपनी अपनी महत्ता बताने और दूसरों को छोटा सिद्ध करते  थे अंत मैं निर्णय के लिए वे दोनों आत्मा के पास पहुंचे आत्मा ने कहा तुम दोनों कारण मात्र हो इसलिए श्रेष्ठ बात Continue Reading

हर घर में देव संस्कृति का

हर घर में देव संस्कृति का करना है अब प्रवेश। करना है अब प्रवेश कोई घर में  बचे शेष।। घोड़ा है अश्वमेघ का जाएगा हर प्रदेश। जाएगा हर प्रदेश यह घूमेगा देश देश।।   दुनिया है बेखबर कि आगे मौत का है डर । मौत का है डर भाई लंबा Continue Reading